चेली बेटीक काथा

बेचाइ बडउ हमार चेलीबेटी विदेशवाक गउँवामा
उदास भेलउ हमार गउँवा यापन मनसेक नउँवामा ।

लुटेलउ हमार इज्जत चोखियबहि नामि भागके
लाजे मरलसु यापन मुहवा एइनवामा हेरके ।

दुख कष्ट सहे परइ यापन खुसिया त्यागके
सुख कहँवा पवेतउ यापन घरवा छाडके ।

दिन रातक पत्ते हइनो गाह्र भेलउ चिन्हेके
कुन सकबह मोर काथा एकबेरी सुनके भुलाएके ।

ककरेके सुनाउँ याजु यहँवा चेलीबेटिक काथा
कुन देतइ समाधान कइ दिदी बहिनीक ब्याथा ।

ओराइ बडउ हमार चेली विदेशवाक गउँवामा
उदास भेलउ हमार गउँवा यापन मनसेक नउँवामा ।

श्रीमती कुन्ति महतो
भरतपुर– १०, चितवन





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