यसने चलन यिहँवा

नाचेन जाने महतउँवा यगना टेढ यसने चलन यिहँवा ।
इनकाके दोष देके यपने बडके बनेके यसने चलन यिहँवा ।।

ज्ञान सनेसक बात बटते संघलर्ष करते बुले खोजले यिहँवा ।
टङवा पकिडके पाछा वोरी तानके यसने चलन यिहँवा ।।

सबवोर चारीवोर यापन मनसे, सुन्ते हखके चाहिं यिहँवा ।
खोखर बात करते यपने यागा जायके यसने चलन यिहँवा ।।

उचनिच धनी गरिब भेदभाव सबदिन हसइ यिहँवा ।
पढल लिखल सभ यनपढके हेपके यसने चलन यिहँवा ।।

शहरिया सभ गाउँक मनसेके गवाँर बनोसइ यिहँवा ।
सेवाक नाउँमा यापन धोकरी भरके यसने चलन यिहँवा ।।

काम करे मङरा खाये डेर वोगरा हसइ यिहँवा ।
आखिर कतेक दिन रहतई यसने चलन यिहँवा ।।

Khushi Thaneit Tharu
Narayani- 07, Madanpur, Nawalparasi





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