यापन स्वाभिमान हसे अस्तित्वक खतुरे

बचावके जुन यलइ थरुहट भुमिक माटी हमरा ।
सच्चा देशभक्त हलहुँ धरतीपुत्र खाटी हमरा ।।

जुगजुगसे जोडाइल हमार प्रकृतिसे सुनर नाता
आदिवासी थारु यगुटे भावना लेके खोलो पाटी हमरा ।

मलगर भुईंमा पुर्वेसे पछिये हलइ हमार राज
नेपाल देशक अन्नभण्डारक हलहुँ मुल टाटी हमरा ।

सोझ हमराके खापा बनोइ यहँवा सगरमाथा चढके
कतेक सहबे छतियामा यसनुकु पराईकी किलाकाँटी हमरा ।

यापन स्वाभिमान हसे अस्तित्वक खतुरे याबे
हाथबाहिं बान्हके नाहि बनो ककरो डाटी हमरा ।





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