याश लेसी रि दावो

कसनक अभागन करम भेलई री दावो
सबदिन रोइके जीनगी बितइ री दावो ।
छुकनाक लिए कतेक ठोकर खेलही
अभागन बेटि सुख हैने देवे सकलिय री दावो ।।

ऋण लागो दिन झिन लागो री दावो
व्यर्थे चितवा झिन दुखोसी री दावो ।
संघर्ष करते बुलइकि छुकना तोर
हमरो दिन फिरतई याश लेसी रि दावो ।।

याश बडइ त साँस चलतई रि दावो
सुखदुख यसने जीनगीक रित री दावो ।
सबदिन महतारीक याँचलक छाहरी पौले जउँ
संघर्षक डेगा उसारसे चलतई री दावो ।

सुखदुख यसने जीनगीक रित री दावो ।
व्यर्थे चितवा झिन दुखोसी री दावो ।
संघर्ष करते बुलइकि छुकना तोर
हमरो दिन फिरतई याश लेसी रि दावो ।।

Khushi Thaneit Tharu
Narayani- 07, Madanpur, Nawalparasi





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