सुनिलेहुँ जितियाक गित

सुनसुन दादा भाई सुन दिदि बहिनी सखिया हो न
सुनिलेहुँ ध्यान लगाइ रि सखिया हो न ।
हो हो सुनिलेहुँ ।।

हमरा रि थारु भाई एकजुट हखो सखिया हो न
धिरे धिरे हमरा विकास करले जाँउ रि सखिया हो न ।
हो हो धिरे धिरे ।।

पहिले जे यापन घर यंगना सरसफाई करो हो न
दोसरीमा गाँउ घर सरसफाई करो रि सखिया हो न ।
हो हो हमरा ।।

यापन चेलिबेटि स्कुल पठोइहा रि बाबा दावो न
हमराके बेटि कहके हेला झिन करिहारि बाबा दावो न ।
हो हो हमराके ।।

कहसाहा तोहरा रि बेटाबेटि बराबरी बाबा दावो न
व्यवहारमा उतरल हइनो रि बाबा दावो न ।
हो हो समाजमा ।।

जुवातास हमरा रि नाहि खेलाउँ सखिया हो न
उहेसे हमरा पिछडल जाइ रि सखिया हो न ।
हो हो हमरा ।।

हथवामा हाथ मिलाउ रि हमरा सखिया हो न
थारु भाइ यापन यधिकार लेउँ रि सखिया हो न ।
हो हो हमरा ।।

गर्दि महिला आमा समुह 
गर्दि–१, माडि, चितवन





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